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TrackChecker Mobile Package Tracker in World

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TrackChecker Mobile Android Mobile App

This is the best android application For Tracking Your Shipment, Package All over The World. You Can Download TrackChecker Mobile From Google Play Store. open Google Play Store and Type TrackChecker Mobile in Search Box and Download or Click Here To Download Track Checker Mobile.

TrackChecker Mobile यह बहुत ही अच्छा एंड्रॉइड एप्लीकेशन है। इसके द्वारा आप अपने ऑनलाइन शॉपिंग किये गए पार्सल, कोरियर या किसी प्रकार के Shipment को track कर सकते हैं। आप इस ऍप का प्रयोग करके पुरे विश्व के किसी भी कोरियर कंपनी के shipment को आसानी से track कर सकते हैं।

India में बहुत सी कोरियर सेवाएं हैं जैसे India Post, India Post International, Bluedart, Delhivery, DTDC India, Expressbees और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे Amazon आदि के कोरियर को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

इसे डाउनलोड करने के लिए आप अपने मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर को ओपन करे उसके बाद सर्च बॉक्स में TrackSearch Mobile लिखे और डाउनलोड कर ले या आप इस लिंक पर क्लिक करके भी डाउनलोड कर सकते हैं। Track Checker Mobile

TrackChecker Mobile Application Settings

1– After download TrackChecker Mobile Application click on open.

2– When Display TrackChecker wizard clik on NEXT.

3– Choose your Country. if Indian Select India.

4– Select your country post services like India Post, Amazon, Delhivery, Bluedart, DTDC India, Expressbees Etc. After select click on FINISH.

5– When appear Change log Popup Click on ok.

TrackChecker Mobile एप्लीकेशन की सेटिंग कैसे करें

– एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के बाद ओपन पर क्लिक करे।

– TrackChecker wizard की सेटिंग करने के लिए NEXT पर क्लिक करे।

– अब आप अपनी country ( देश ) को चुने। यदि आप इंडियन हैं तो इंडिया सेलेक्ट करें।

– अब आप अपने देश की पोस्ट सर्विसेस को सेलेक्ट करे जैसे इंडिया पोस्ट, देल्हीवेरी, ब्लूडार्ट इत्यादि।

– change log का पॉपअप खुलेगा अब आप OK पर क्लिक करें।

How To Use TrackChecker Mobile Application

1– Click on + Button on bottom to add your Shipment tracking id.

2– Enter Track Number and in the description type Post service name Click on save Button on Right Bottom corner.

3– Now click on the its and see details.

TrackChecker Mobile एप्लीकेशन को कैसे प्रयोग करे

– एप्लीकेशन में नीचे की तरफ + बटन पर क्लिक करके अपने शिपमेंट नंबर को ऐड करे।

– सबसे ऊपर अपने ट्रैक नंबर को भरे उसके बाद डिस्क्रिप्शन में पोस्ट सर्विस का नाम भरे। उसके बाद नीचे दाहिनी तरफ सेव बटन पर क्लिक करके सेव करें।

– अब सेव किये गए ऑप्शन पर क्लिक करके अपने शिपमेंट या कोरियर की जानकारी देख सकते हैं।

Baptisia Homeopathic Medicine Uses in Hindi

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Baptisia ( बैप्टिसिया – वाइल्ड इंडिगो )

बैप्टिसिया होम्योपैथिक दवा में कमजोरी, मंद ज्वर, मलेरिया विष, खून का दूषित होना एवं घोर पतनावस्था आदि लक्षण पाए जाते हैं। पेशियों में घोर पीड़ा एवं सड़न के लक्षण हमेशा मौजूद रहते हैं। सांस, मल, मूत्र, पसीना आदि सभी स्राव घृणित होते हैं। महामारी की तरह फैला हुआ इन्फ्लुएंजा, बच्चो की आंतो में जीर्ण विषैलापन के साथ दूषित मल एवं डकार।

बैप्टिसिया की कम शक्ति की दवा ऐसे जीवाणु पैदा करती है जो बुखार के जीवाणुओं को ख़त्म करती है। यह शरीर में मोह ज्वर के विष को रोकने की ताकत पैदा करती है। यह आंत्रिक ज्वर को नष्ट करने के लिए लगवाए गए टीके से आये उपद्रव में लाभदायक है।

मन – मानसिक गड़बड़ी, विचार-शक्तिहीन, विचरण भाव, लगता है कि शरीर टूट गया है बिखर गया है, शरीर बंट जाने का भ्रम, इसी भ्रम के कारण वह बिस्तर पर करवटे बदल कर शरीर को जोड़ने की चेष्टा करता है। पूरी तरह उदासीन, शोकग्रस्त, चित्तभ्रम, प्रलाप, बुदबुदाना, बाते करते करते सो जाना।

सिर – सिर कड़ा भारी और सुन्न मालूम पड़े। सिर के पीछे की तरफ खिंचाव महसूस होना, चक्कर आना, मष्तिस्क में दर्द, अचैतन्यता, बात करते करते सो जाना, आंत्रिक ज्वर की शुरुआत की अवस्था में आया बहरापन, पलके भारी।

चेहरा – नाक की जड़ में दर्द, गहरा लाल एवं मतिमंद चेहरा, जबड़े की पेशियाँ तनी हुई।

मुँह – दांत और मसूड़ों में घाव और दर्द, मुँह का स्वाद फीका तथा कड़वा, साँस में दुर्गन्ध। जीभ पीली, कत्थई, चमकदार लाल और सूखे किनारे। जीभ की सतह में दर्द, बीच में कत्थई चिटकी हुई। केवल तरल पदार्थ ही निगल पाए ज़रा सी भी कड़ी चीज गले में अटक जाये।

गला – तालु और तालुमूल गहरा लाल एवं मुलयाम। गले की नाली सिकुड़ी हुई, ठोस पदार्थ निगलने में कठिनाई, घुटन आये, गले में बगैर दर्द के जलन एवं बदबूदार स्राव। दिल के छिद्र में सिकुड़न।

आमाशय – गले की नली में प्रॉब्लम की वजह से उल्टी ( कै ) हो जाना, केवल तरल चीजे ही निगल पाना, पानी पीने की प्रबल इच्छा। आमाशय में भारी दुर्बलता, आमाशयिक ज्वर, अरुचि। कौड़ी प्रदेश में दर्द, कड़ी चीज रखी मालूम पड़े। दिल के छिद्र की अपेचक्षिक सिकुड़न, पेट और आँखों का घाव।

उदर – दाहिनी तरफ रोगग्रस्त होता है, जिगर प्रदेश में दर्द। तनाव, गड़गड़ाहट, प्रदाह। दस्त के साथ पित्ताशय क्षेत्र के ऊपर दर्द, मल में बहुत बदबू, मल पतला, काला, रक्त मिला हुआ, वृद्ध लोगो में पेचिश। जिगर प्रदेश में दर्द।

स्त्री – मानसिक चिंताग्रस्त एवं शोकाक्रमण दुर्बलता, मंद ज्वर, रात्रि जागरण की वजह से गर्भपात का डर। प्रसव स्राव तीखा, दूषित, प्रसव ज्वर। मासिक स्राव समय से पहले व बहुत अधिक।

श्वास-तंत्र – साँस लेने में कष्ट, फुस्फुस दबे हुए महसूस पड़े, सीने में सिकुड़न। खिड़कियां खोले, दम घुटने की डर से सोने से डरे। डरावने सपने।

अंग – गर्दन थकी हुई, कड़ापन और दर्द। त्रिकास्थि, कटि भाग एवं टांगो में दर्द। बाहों और टांगो में टिस और तनाव, चोटीलापन और छीलन, शैयागत।

नींद – बिस्तर पर शरीर बिखरा महसूस पड़े, अपने को इकठ्ठा न कर सके, बिखरे टुकड़ो का स्वप्न। अनिद्रा, बेचैनी, प्रश्न का उत्तर देते देते सो जाये।

चर्म – चर्म में जलन एवं गर्मी, पुरे शरीर एवं अंगो पर लाल धब्बे, सड़े घाव।

ज्वर – शरीर गरम पर कभी कभी कपकपी लगभग ११ बजे दिन में कपकपाहट, मंद ज्वर, मोह ज्वर, जहाजी ज्वर।

तुलना कीजिये – बैप्टिसिया कम दर्दीला है। ब्रायोनिया और आर्सेनिक के लाभ को पूरा करने के लिए। एलैन्थस में केवल दर्द की अधिकता का अंतर है। रसटाक्स, आर्सेनिक, ब्रायोनिया, अर्निका, एचीनीशिया।

मात्रा – अरिष्ट से १२ शक्ति तक। अल्पकालीन प्रभाव।

Arnica Montana Benefits And Uses in Hindi

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Arnica ( आर्निका )

आर्निका होम्योपैथिक मेडिसिन चोट या आघात के कारण उत्पन्न हुए रोगो में लाभदायक है। यह दवा मष्तिस्क में प्रदाह प्रवृत्ति रखती है। यह कम रक्त वाले व्यक्तियों में मंद गति से तथा अधिक रक्त वाले व्यक्तियों में अच्छी तरह काम करती है। शोथ के रोगियों में साँस लेने में दिक्कत, शोक-चिंता या आर्थिक हानि होने के कारण आये उपद्रव में। यह पेशी बलवर्धक है। शरीर और अंगो में पीट जाने जैसा दर्द।

जोड़ो में ऐसा लगे जैसे मोच खा गए हो, बिस्तर पर लेटने पर बिस्तर बहुत कड़ा महसूस हो। यह दवा रक्त पर स्पष्ट प्रभाव डालती है। यह शिरामण्डल पर असर करके रक्त के बहाव को रोकती है। शरीर पर रक्त के जमने से आया काला दाग, रक्त की नालियों का ढ़ीलापन, काले और नीले धब्बे, मंद ज्वर की अवस्थाये, रक्तस्राव एवं तंतु नष्ट होने की प्रवृत्ति। पस आना, न पकने वाले फोड़े, रक्त जमना, पेशी और संधि तंतुओ में वात रोग, इन्फ्लुएंजा।

मन – किसी के पास आने अथवा छुए जाने का डर, अचेतनता पर जबाब ठीक दे लेकिन पुनः मूर्छा आ जाये। लगातार कोई कार्य करने में असमर्थ, उदासीनता, चिंतित, चित्त विभ्रम। अकेले रहना चाहे। मानसिक परिश्रम या आघात के बाद बड़ी जगह में अकेले रहने का डर।

सिर – आर्निका के रोगियों का सिर गरम लेकिन शरीर ठंडा होता है। मस्तिष्क में उलझन, चमड़ी सिकुड़ी लगे, तेज चुटकी काटने जैसा दर्द, टहलने पर आस पास की चीजे चक्कर खाती महसूस पड़े।

आँखे – बारीक कार्य करने के बाद आँखों में चोट लगने जैसा दर्द, आँखे खोले रखे बंद करने पर चक्कर आये, चक्षु-पट में रक्त प्रवाह, पेशिक पक्षाघात, आघातजनित द्विदृष्टि, दृश्य या सिनेमा आदि देखने पर आँखे थकी महसूस पड़े।

कान – दिमाग पर चोट लगने से कम सुनाई देना, कान से रक्त बहे, सर में रक्त के बहाव की आवाज कानो में सुनाई पड़े। कान की उप-अस्थि में रगड़ होने जैसा दर्द होना। कानो के चारो तरफ चमकन होना।

नाक – तेज खांसी के बाद नाक से खून बहना, गहरा एवं पतला रक्त, नाक में छरछराहट।

मुँह – सांस में दुर्गन्ध, मुँह सूखा रहे, प्यास लगे, मुँह के स्वाद में कड़वापन, सड़े अंडे जैसा स्वाद, दांत निकलवाने के बाद मसूड़ों का दर्द और जबड़ो के सुराख़ में पस ( मवाद ) भरना।

चेहरा – चेहरा लाल एवं मुरझाया हुआ, चहरे पर दाद, होठों में गर्मी।

आमाशय – दूध और मांस से नफरत, भूख अधिक लगना, सिरका खाने-पीने का मन करे, खाते समय पेट में दर्द। खाने का मन न करे पर पर अधिक खाना खाये। रक्त का वमन, कष्टदायक वायु का ऊपर निचे चलना, पत्थर जैसा दबाव ऐसा महसूस पड़े की जैसे आमाशय रीढ़ से टकरा रहा हो।

उदर – पसली के नीचे चिलक, दूषित वायु निकलना, आर-पार तीव्र कोंचन।

मल – अतिसार रोग में अधिक जोर लगाना ( काँखना ), मल दूषित, बादामी, खूनी, सड़ा हुआ खमीर की तरह दिखाई पड़े। क्षय रोग का दस्त पेचिस के साथ, बायीं करवट लेटने से बढे, हर बार मल त्यागने के बाद लेटना पड़े।

मूत्र – पेशाब में गहरी चटक लाल तलछट मूत्राशयविक कुंथन, दर्द के साथ।

स्त्री – यांत्रिक चोट के कारण गर्भाशय से रक्तस्राव, प्रसव के बाद तीव्र वेदना मालूम पड़े बच्चा पेट में टेढ़ा पड़ा है। चोट की वजह से आया स्तन प्रदाह, घुण्डी दर्दीली।

श्वास-तंत्र – दिल की गड़बड़ी की वजह से खांसी, सुरसुरी जो रात में ज्यादा, सोने और परिश्रम करने से बढे। तालु मुलायम, घांटी में सूजन, तालुमूल प्रदाह। निमोनिया, फेफड़े पर लकवा मारने का खतरा। ज्यादा बात करने पर आवाज का बैठ जाना। कंठनली के नीचे के भाग में गुदगुदी के कारण सुखी खांसी, रोने के कारण आई खांसी। बलगम के साथ रक्त, रक्त थूकने के साथ श्वास- कष्ट। सीने की हड्डियों में दर्द काली खासी, बच्चा खांसने के पहले चिल्ला पड़े।

दिल – ह्रदय में दर्द, बायीं केहुनी में तेज दर्द, दिल में चिलकन होना, नब्ज धीमी और क्रमहीन। दिल पर चर्बी का बढ़ना अथवा जमा होना। अंग अकड़े जैसे चोट आयी हो। घोर कष्टदायक साँस, ह्रदय रोग सम्बंधित शोथ।

अंग – अंगो में दर्द जैसे चोट लगी हो, छूने का डर, मोच लगी हो ऐसा महसूस पड़े। छोटे जोड़ो में गठिया, बांह के अगले भाग का मृत्युतुल्य ठंडापन, वात दर्द नीचे से ऊपर, वस्तिशूल के कारण सीधा न चल पाए।

चर्म – काले दाग, चर्म काला और नीला, छोटे दानों वाली फुंसियां, क्रमबद्ध उभरे कड़े मुहांसे, बिस्तर घाव ( बिस्तर पर एक ही तरफ लेटे रहने के कारण होने वाला घाव )

नींद – अधिक थके होने के कारण नींद का न आना, बेचैनी, मृत्युतुल्य उँघाई। जागने पर सिर गर्म, स्वप्न अंग-अंग के, भयानक और कौतुहलपूर्ण। रात का डर, सोते समय ( नींद में ) बिना इच्छा के मलस्खलन।

ज्वर – आंत्रिक-ज्वर की तरह लक्षण, सिर में गर्मी और लाली लेकिन बाकी शरीर ठंडा, शरीर में कपकपी, आतंरिक गर्मी पर हाथ पैर ठन्डे। रात के समय खट्टा पसीना।

बढ़ना – थोड़ा सा भी छूने से, हिलने डुलने से, आराम, शराब, नम ठंडक से।

घटना – लेटने से या सिर नीचा करने

तुलना कीजिये – एकोनाइट, बैप्टीशिया, हेमामेलिस, रसटॉक्स, हाइपेरिकम,

पूरक – एकोनाइट, इपिकाक

मात्रा – ३ से ३० शक्ति, बाहरी प्रयोग के लिए मदर टिंक्चर लेकिन छीली हुई त्वचा पर गरम करके न लगाये।

Alumina Medicine Benefits And Uses in Hindi

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Alumina ( एलुमिना )

Alumina Homoeopathic Medicine की खासियत श्लैष्मिक झिल्ली, dry skin ( चर्म का सूखापन ), तथा पेशिओ का आंशिक पक्षाघात है। वृद्ध व्यक्ति जिनमें शारीरिक ताप की कमी हो या समय से पहले आया बुढ़ापा एवं शरीर में कमजोरी महसूस हो। शारीरिक क्रिया मंद होने से शरीर में भारीपन, ठिठुरन और लड़खड़ाहट होना। दुबले पतले और वात प्रकृति वाले व्यक्तियों में जुकाम और डकार आने की प्रवृति।

Mind ( मन ) – निराधार होने का डर, मन उत्साहहीन, स्वयं को पहचानने में दिक्कत। जल्दबाजी, उतावलापन ऐसा लगे जैसे समय बहुत धीरे धीरे बीत रहा है। परिवर्तनशील भाव, दिन चढने के साथ साथ रोग में कमी हो। खून या चाकू देखने पर आत्महत्या करने की प्रवणता।

Head ( सिर ) – सिर में चिलकन और दर्द के साथ जलन का होना। सुबह के समय चक्कर आना लेकिन भोजन करने पर कम होना। माथे पर दबाव महसूस होना जैसे कोई कसी हुई टोपी पहने हो। कब्ज होने के कारण सिर में दर्द, जी मिचलाने के साथ साथ चक्कर आना परन्तु खाना खाने के बाद कम हो जाना। बाल का झड़ना, सिर की skin खुजलाना एवं सुन्न होना।

Eye ( आँख ) – सभी वस्तुएँ पीली दिखाई दे, आँखे ठंडी महसूस हो। आँखों की पलकें भारी, दर्द के साथ जलन एवं सूजन जो की सुबह के समय में ज्यादा हो। वक्र दृष्टि, ऊपर की पलकों में पछाघात।

Ear ( कान ) – कर्ण नली भरी हुई महसूस हो, कान में आवाज, सनसनाहट, गर्जन।

Nose ( नाक ) – सूंघने की शक्ति का कम होना, नाक की जड़ पर दर्द होना, जुकाम होने के साथ नाक बहती हो। नथुने लाल, नथुनों में छरछराहट, छूने से कष्ट बढ़े, नाक में मोटे पीले श्लेष्मा की परत।

Face ( चेहरा ) – चेहरा देखने पर ऐसा लगे जैसे अंडे की सफेदी जैसी कोई चीज सूख गई हो, रक्त से भरी फुंसिया एवं दाने, भोजन करने के बाद चेहरे पर खून संचार का बढ़ जाना। नीचे के जबड़े में फड़कन।

Mouth ( मुँह ) – मुँह से दुर्गन्ध आये, दांतो पर मैल जमकर कड़ी पपड़ी बन गई हो। मसूड़ों से खून निकले, मसूड़ों में छरछराहट। मुँह को खोलने या चबाते समय खींचन जैसा दर्द।

Throat ( गला ) – गला सूखा, खराश, भोजन निगलने में कठिनाई महसूस हो जैसे गले का छेद पतला हो गया हो ऐसा लगे मानो वहाँ पर कोई खपची जैसी चीज कसी हुई हो। देखने पर गला सूखा और चिकना दिखाई दे। दुबले पतले लोगो में गला का बैठ जाना, पिछले भाग से चिमड श्लेष्मा गिरे, बार बार गला साफ़ करे।

आमाशय और उदर – अनावश्यक वस्तुए खाने की तीव्र इच्छा जैसे कोयला, खड़िया, चायपत्ती। गले में जलन, सिकुड़ा महसूस हो, मांस खाने से नफरत। भोजन नली का सुकुड़ना भोजन केवल छोटा छोटा करके निगल सके। उदर के बाई तरफ से रोग।

मल – मल सूखा और कड़ा, गठीला जिसके कारण मल-वेग न होना। मलाशय सुजा, सूखा, खून बहे। गुदा में छरछराहट, जलन एवं खुजली। पतले और मुलायम मल भी कष्ट से निकले। मल त्यागते समय बहुत जोर लगाना पड़े। पेशाब करते समय मल निकल जाये। मरोड़ के साथ मल-वेग परन्तु मल त्यागते समय जोर लगाना या काँखना पड़े।

मूत्र – मल त्यागते समय पेशाब करने के लिए भी काँखना पड़े। गुर्दो में दर्द होना, मूत्राशय की पेशिओ का ठीक से काम न करना। वृद्ध व्यक्तियों में मानसिक गड़बड़ी के कारण बार-बार पेशाब मालूम होना, कष्ट से पेशाब का शुरू होना।

पुरुष – अत्यधिक कामेच्छा, मल त्यागते समय ज्यादा जोर लगाने पर अपने आप धातु का निकल जाना। प्रोस्टेस रस स्राव।

स्त्री – अल्प मासिक धर्म, बहुत थोड़ी मात्रा में, पीला,अल्प-कालीन। मासिक धर्म के बाद बहुत शिथिलता आये। प्रदर रोग, तिछ्ण, पारदर्शी एवं अधिक मात्रा में, रस्सी जैसा लम्बा, जलन के साथ दिन में अत्यधिक, ठन्डे पानी से आराम।

श्वास-तंत्र – सुबह उठते ही खांसी हो, आवाज का बंद हो जाना, स्वर-नली में गुदगुदी का होना, श्वास लेते समय खड़खड़ाहट एवं सांय-सांय की आवाज आना, सुबह के समय बात करने या खाते समय खांसी आना। बात करते समय सीने का कष्ट बढे, सीना सिकुड़ा हुआ महसूस पड़े, अचार खाने पर खांसी आना।

पीठ – पीठ में कुतरन जैसा दर्द, चिलक, पीठ पर गरम लोहा रखा हो ऐसा महसूस होना, लकवा जैसी कमजोरी के साथ रीढ़ के रास्ते में दर्द होना।

अंग – बांहो और अँगुलियों में लोहे चुभने जैसा दर्द, बाहों का शक्तिहीन महसूस होना। टहलने पर लड़खड़ाहट होना, एड़ी सिकुड़ी हुई मालूम पड़ना, पैर के तलवे मुलायम और कदम रखने पर सूजे हुए महसूस पड़े। कंधो और बांह के ऊपरी हिस्सों में दर्द, रीढ़ का क्षीणता एवं निचले अंगो में पक्षाघात।

नींद – बेचैनी, उत्सुक और मिलेजुले गिचपिचे सपने, सुबह में झपकी लेना (उंघना )

चर्म – चर्म पपड़ीदार सुखी दाद जैसी, बिस्तर की गर्मी होने पर असहनीय खुजली हो और इतना खुजलाये की खून बहने लगे और दर्द करे।

बढ़ना – तीसरे पहर में, गरम कमरे में, सुबह जगाने पर और आलू खाने पर।

घटना – शाम के समय, नम मौसम में, तीसरे दिन, खुली हवा में, ठन्डे पानी से नहाने पर।

तुलना कीजिये – एलुमिनियम क्लोराइड, स्लैक, सिलिका, सल्फोकैल्साइट ऑफ़ एलुमिना, सिकेलिलेथिर, प्लम्बम।

पूरक – ब्रायोनिया

शामक – इपिकाक, कैमोमिला

मात्रा – ६ से ३० और इससे ऊँची शक्ति। एलुमिना का प्रभाव धीमी गति से होता है।

Agnus Castus Benefits and Uses in Hindi

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Agnus Castus ( एग्नस कॉस्टस )

एग्नस कॉस्टस मुख्य रूप से जननेन्द्रिय पर कार्य करती है। यह कामशील व्यक्ति जिनमे मानसिक और स्नायविक दुर्बलता हो यह लक्षण स्त्री-पुरुष दोनों में पाई जाती है। अति इन्द्रिय चालन की वजह से असमय बुढ़ापा। बार बार सुजाक होना। वात प्रकृति वाले व्यक्ति एवं नव युवक जिनमें ज्यादा नशा जैसे तम्बाखू खाने पीने से दिल की धङकन बढ़ जाती हो।

मन – कामुकता, मृत्यु का भय, भूलने वाला, उत्साहहीन। गंधभ्रम – मछली और कस्तूरी।

आँखें – आँखों की पुतली फैली हुई तथा आँखों के आसपास खाज होना।

नाक – मछली और कस्तूरी की गंध को समझने में भ्रम होना। उभरे भाग में पीड़ा हो जो दबाने से कम हो।

पेट – प्लीहा ( तिल्ली ) में सूजन और दर्द। मल त्यागने में कठिनाई, मल कष्ट से निकले। मलाशय में गहरी दरार। जी मिचलाना ऐसी सवेंदना के साथ जैसे आंते नीचे की तरफ दब रही हो उनको नीचे से सहारा देना चाहे।

पुरुष-जननेंद्रिय – मूत्र मार्ग से पीला स्राव का निकलना, बार-बार सुजाक होना, जननेन्द्रिय ठंडी, ढ़ीली, इच्छारहित एवं उत्तेजना का न होना, नामर्दी। बिना उत्तेजना के ही वीर्यपात हो जाना लेकिन बहुत थोड़ी मात्रा में। कांखने पर प्रोस्टेस रस का स्रावित होना। अंडकोष में दर्द, ठन्डे तथा सूजे हुए हो।

स्त्री-जननेन्द्रिय – मैथुन क्रिया से अत्यधिक घृणा होना, मासिक स्राव बहुत थोड़ी मात्रा में, प्रदर रोग के साथ कामेन्द्रिय में ढीलापन। प्रसव होने के बाद स्तनों में दूध की कमी, चिंताग्रस्त, उदास, बांझपन। पीले धब्बे वाला प्रदर, पारदर्शी स्राव, नकसीर फूटना, हिस्टीरिया जैसी धङकन।

तुलना कीजिये – कैम्फर, फास, सेलेनियम, लाइको।

मात्रा – एक से छः शक्ति तक।

Final Word – एग्नस कॉस्टस यह एक होमोयोपैथिक मेडिसिन है। मेरे द्वारा इस आर्टिकल के माध्यम से दी गई जानकारी का उद्देशय एजुकेशनल के लिए है। अगर आप में कोई प्रॉब्लम या लक्षण मिलते हो तो आप अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह या मेडिसिन ले सकते हैं। धन्यवाद

Voter id valid hai ya nahi kaise jaane

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Hello friends mai aapko es post ke madhyam se apni voter id card ki jankari kaise nikalte hai aur aapki voter id valid hai ya nahi hai aap check karke jaan sakte hain. eske liye aapko jyada pareshan hone ki jarurat nahi hai.

aap ghar baithe hi online dekh sakte hain. etna hi nahi aap baithe baithe yah bhi jaan sakte hain ki kis date ko aapke area me voting hai aur aapka matdan Kendra ya voting center kaun sa hai.

Apne voter id ko kaise check kare online

Voter id ki details check karne ke liye do option hai. pahla option me aap apne name, age aur area ke adhar par dekh sakte hain . esme voter card ke Number ki jarurat nahi hai. wahi dusra option aap apne Election card number jise epic number bhi kahte hain ke madhyam se dekh sakte hain.

eske liye aapko ko apne laptop ya pc ke browser ko open karna hoga uske baad national votar service portal ke website www.nvsp.in par jana hoga. ya aap Aap chahe  to browser me yah url  https://electoralsearch.in type karke bhi search kar sakte hai. ya google me Nvsp search kar sakte hain.

Name ke dwara voter id kaise search kare

Sabse pahle aap apne browser me national voter service portal ki website www.nvsp.in par visit kare. uske baad page par left side me upar ki taraf search your name in electoral role ka option dikhai dega. Ab aapko is par click karna hai. click karne par ek new page open hoga.

ab aapko esme apni details jaise name, father’s name, age, gender and apne aera ki details bhar dijiye. Sabhi details bharne ke baad captcha fillup karke search par click kijiye. Click karte hi aapki voter id and voting center ki puri jaankari aa jayegi.

Epic number se voter id kaise search kare

Epic number se search karne ke liye search by epic number par click kare. uske baad apna epic number bhare. voter id number hi epic number hai. uske baad apna state ko choose kare aur captcha bhare aur search par click kar dijiye. Click karne ke baad aapki voter id ki details aa jayegi.

Voting date and details kaise dekhe

Jab aap apni voter id ko name ya epic number se search karte hain to uski details aa jaati hai. agar aap janana chahte hai ki aap ki area me voting kab hai to aap search kiye gaye page par ek view details ka option hai ab aapko es option par click karna hai.

click karte hi new tab open hoga jisme aapki voter id ki puri details hogi. saath hi aapke area me voting kab hai es page par dekh sakte hain.

Voter id ke loss ho jane par voting kaise kare

Agar aapki voter id nahi hai to aap apne name ke dwara search karke apni details nikal kar print kar lijiye. par yah print kiya gaya document aapki votar id ka kaam nahi karega. par aapko jankari ho jayegi ki aap ke area me kis date ko voting padne wala hai.

es print ke saath apani koi id jaise pancard ya adharcard ko saath me le jakar voting kar sakte hain.

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